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सहयोग प्यार कामयाबी माँ बेकरारी मजबूरी दिल जीवन सहनशील बातें सिंदूर यादों हद आंचल मां का प्यार थकावट राहों ये कविता दिल और दिमाग के बीच की बात जो इंसान को अपने हिसाब से जीने को बोलता हैं और इंसान कश्मकश में किसकी बात सुने दोनों की बाते सही हैं बचपन सिखाती

Hindi ज़िम्मेदारी किसकी Poems