STORYMIRROR

दिल सिंदूर जंग घर माँ राहों कमजोर मजबूरी गुस्सा सहनशील आंचल मां का प्यार बेकरारी थकावट यादों ममता सिखाती बातें कामयाबी ये कविता दिल और दिमाग के बीच की बात जो इंसान को अपने हिसाब से जीने को बोलता हैं और इंसान कश्मकश में किसकी बात सुने दोनों की बाते सही हैं

Hindi ज़िम्मेदारी किसकी Poems