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ज़िम्मेदारी घर मिसाल प्यार बातें जंग कमजोर बचपन बेकरारी सिंदूर यादों माँ मां का प्यार अच्छी कविता ये कविता दिल और दिमाग के बीच की बात जो इंसान को अपने हिसाब से जीने को बोलता हैं और इंसान कश्मकश में किसकी बात सुने दोनों की बाते सही हैं मजबूरी दिल ममता गुस्सा हद

Hindi ज़िम्मेदारी किसकी Poems